How to be a good leader - Improve Good Leadership- एक अच्छा लीडर कैसे बने

How to be a Good Leader – एक अच्छा लीडर कैसे बने

 

Good Leadership :-दौलत इकट्ठा करने की नीति का निर्णय लेने से पहले आपको यह तय कर लेना चाहिए कि आप इनका पीछा लीडर (Good Leadership) के रूप में करने वाले हैं या फिर अनुयाई के रूप में ।

 

  • Leader अवसर बनाकर और अपने अनुयायियों को इस दिशा में प्रेरित करके दौलत इकट्ठा करते हैं कि वे प्रोडक्ट डिजाइन करें, उनका उत्पादन करें, प्रोडक्ट्स व सेवाओं की मार्केटिंग करें और बाजार में वितरित करें । How to be a good leader
  • Followers लीडर्स की नौकरी में अपना विशेषता पूर्ण ज्ञान बेचकर दौलत इकट्ठा कर सकते हैं ।

 

अनुयायी (Followers) होना कोई अपमान की बात नहीं है । दूसरी तरफ अनुयाई बने रहने में कोई गौरव की बात भी नहीं है । ज्यादातर महान लीडर (Good Leadership) इसलिये बने क्योकि उन्होने अनुयायियों की हैसियत से काम शुरू किया था । वे महान लीडर (Great Leader) इसलिए बने क्योंकि वह समझदार अनुयाई थे । कुछ अपवादो को छोड़ दिया जाए तो जो लोग किसी लीडर का बुद्धिमत्ता पूर्वक अनुसरण नहीं कर सकते वह कुशल लीडर (Good Team Leader) नहीं बन सकते । जो लोग किसी लीडर का सबसे कुशलता से अनुसरण करते हैं उन्हीं की नेतृत्व कला में आमतौर पर सबसे तेजी से निखार आता है । समझदार Follower होने के कई लाभ होते हैं जिनमें लीडर के ज्ञान हासिल करने का अवसर भी शामिल होता है ।

 

 

एक लीडर की मुख्य विशेषताओं को कैसे पहचाने – How to Identify Good Leadership 

 

अगर आप लीडर (Good Leadership) के रूप में अमीरी का पीछा करने का चुनाव करते हैं तो सुनिश्चित कर लें कि आप में नीचे दी गई 11 अनिवार्य नेतृत्व विशेषता होनी चाहिए । How to be a good leader

 

    1. अटल साहस जो खुद के और अपने पेशे के ज्ञान पर आधारित हो :- कोई भी अनुयाई ऐसे लीडर के अधीन नहीं रहना चाहता जिसमें आत्मविश्वास और साहस की कमी हो । कोई भी बुद्धिमान अनुयाई (Followers) ज्यादा समय तक ऐसे लीडर के अधीन नहीं रहेगा ।
    2. आत्म नियंत्रण :- जो लोग खुद को नियंत्रित नहीं कर सकते वह दूसरों को भी नियंत्रित नहीं कर सकते । आत्म नियंत्रण अनुयायियों के लिए एक सशक्त मिसाल बन जाता है जिसका बुद्धिमान अनुयाई अनुकरण करते हैं ।
    3. न्याय का तीष्ण एहसास :- निष्पक्षता और न्याय के एहसास के बिना कोई लीडर अपने अनुयायियों का सम्मान हासिल नहीं कर सकता ना ही कायम रख सकता है ।

    1. निश्चित निर्णय :- जो लोग निर्णय लेने में हिचकते हैं उन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता ।
    2. निश्चित योजनाएं :- सफल लीडर (Successful Leader) को अपने काम की योजना बनानी चाहिए और योजना के मुताबिक काम करना चाहिए । जो लीडर अंदाजे से चलता है वह व्यवहारिक तथा निश्चित योजनाओं के बिना काम करता है । वह बगैर पतवार य रडार वाले जहाज जैसा होता है । देर सवेर इसका चट्टानों से टकराना तय होता है ।
    3. जितना भुगतान मिलता है उसे ज्यादा करने की आदत डालें :- लीडर्स अपने Followers से जो अपेक्षा रखते हैं उससे ज्यादा उन्हें खुद करना चाहिए ।
    4. सुखद व्यक्तित्व in a Good Leadership :- कोई भी आसावधान यां लापरवाह व्यक्ति सफल लीडर नहीं बन सकता । नेतृत्व के लिए सामान की जरूरत होती है अनुयायी ऐसे लीडर का सम्मान नहीं करेंगे ।जिसका व्यक्तित्व सुखद ना हो जिसे कई बार करिश्माई व्यक्तित्व कहा जाता है ।
    5. सहानुभूति और समाझ:- सफल लीडर्स को अपने अनुयायियों के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए यही नहीं उन्हें अनुयायियों और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए ।
    6. विवरणों में महारत :- सफल नेतृत्व (Good Leadership) के लिए यह जरूरी है कि लीडर पद के विवरणों में माहिर हो ।
    7. पूरी जिम्मेदारी लेने की इच्छा :- सफल लीडर अपने अनुयायियों की गलतियों और खामियों की जिम्मेदारी लेने को तैयार रहते हैं । अगर वे यह जिम्मेदारी किसी दूसरे पर डालने की कोशिश करें तो वह लीडर नहीं रहेंगे । अगर अनुयाई गलती करते हैं या खुद को आयोग्य के साबित करते हैं, तो यह दरअसल लीडर की असफलता है ।
    8. सहयोग :- सफल लीडर (successful Leader) को सहयोग पूर्ण प्रयास का सिद्धांत समझना और लागू करना चाहिए । यही नहीं उसे अनुयायियों (Followers) को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करना चाहिए । नेतृत्व के लिए शक्ति की जरूरत होती है और शक्ति के लिए सहयोग भी जरूरी होता है ।

 

एक लीडर की असफलता के दस अहम कारण :- Ten Important Reasons for Failure of a Good Leadership

 

एक सफल नेता (Good Leader) को क्या करना है यह जानना महत्वपूर्ण है लेकिन यह भी जानना उतना ही जरूरी है कि उसे क्या नहीं करना चाहिए । लीडर के असफलता के 10 अहम कारण निम्नलिखित हैं । How to be a good leader

 

    1. विवरणों को व्यवस्थित करने की अक्षमता :-  कार्य कुशल नेतृत्व के लिए विवरणों में माहिर होने और व्यवस्थित होने की दक्षता आवश्यक है । कोई भी सच्चा लीडर कभी इतना व्यस्त नहीं होता कि कोई भी चीज ना करें जो उसे लीडर के रूप में करनी चाहिए । अगर कोई लीडर या अनुयाई इतना व्यस्त रहेगा योजनाएं न बदले या किसी आपातकालीन स्थिति का मुकाबला ना करें । तो यह अकुशलता का संकेत है । सफल लीडर को पद से जुड़े सभी विवरणों में माहिर होना चाहिए ।जाहिर है इसका मतलब यह है कि लीडर के प्रभावी ढंग से जिम्मेदारियां सौंपने की क्षमता होनी चाहिए।
    2. विनम्र सेवा करने की अनिच्छा :- सबसे महान लीडर हर वह श्रम करने के लिए तैयार रहते हैं जो वह किसी दूसरे से करने को कह सकते हैं । तुममे से महानतम सभी का सेवक होगा । यह एक ऐसा सत्य है जिसे सभी योग्य लीडर मानते हैं और जिसका वे सम्मान करते हैं ।
    3. जो भी करते हैं उसके बजाय जो भी जानते हैं उसके लिए भुगतान की अपेक्षा करना :- संसार उस ज्ञान के लिए भुगतान नहीं करता है जो लोग जानते हैं । यह तो उन्हें उस चीज के लिए भुगतान देता है जो वह करते हैं जो दूसरों को करने के लिए प्रेरित करते हैं ।
    4. अनुयायियों से प्रतिस्पर्धा का डर :- जो लीडर इस बात से डरता है कि उसका कोई अनुयाई उसका पद हथिया सकता है । इसके इस डर का सच होना देर सवेर तय है । योग्य लीडर अपने अधीनस्थों को प्रशिक्षित करते हैं ताकि वे उन्हें इच्छा अनुसार काम सौप सके । केवल इसी तरह लीडर खुद को कई गुना करते हैं और एक साथ कई जगहों पर रह सकते हैं । तथा एक साथ कई जगहों पर ध्यान दे सकते हैं । यह एक शाश्वत सत्य है कि लोग खुद की कोशिशों से जितना कमा सकते हैं उसे ज्यादा वेतन उन्हें दूसरों से प्रदर्शन कराने की योग्यता के लिए मिलता है । अपने कामकाज के ज्ञान और अपने व्यक्तित्व की चुंबकीयता के जरिए कार्य कुशल लीडर दूसरों की कार्यकुशलता को बहुत बड़ा सकते हैं । और उन्हें इतनी ज्यादा तथा बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं जितनी वे अपने दम पर खुद नहीं कर सकते ।

  1. कल्पना का अभाव :- कल्पना के बिना Leader आपातकालीन स्थितियों से नहीं निपट पाते हैं । या ऐसी परियोजनाएं नहीं बना पाते हैं जिनके द्वारा भी कार्य कुशलता से अनुयायियों का मार्गदर्शन कर सके ।
  2. स्वार्थ :- जो लीडर अपने अनुयायियों के काम के लिए सारा सम्मान हथिया लेते हैं उन्हें निश्चित रूप से देष मिलेगा । महान लीडर किसी सम्मान का दावा नहीं करते उन्हें तो इस बात से संतुष्टि मिलती है कि हर मिलने वाला सम्मान उनके Followers के पास जाए । क्योंकि वे जानते हैं कि ज्यादातर लोग सिर्फ पैसे के लिए जितनी मेहनत करेंगे उससे ज्यादा कड़ी मेहनत में प्रशंसा और सम्मान के लिए करेंगे।
  3. असंयम :- अनुयाई असंयमी लीडर का सम्मान नहीं करते । यही नहीं आज संयम चाहे जिस प्रकार का हो यह सभी संलग्न लोगों की सहनशक्ति और उत्साह को खत्म कर देता है ।
  4. विश्वासघात :- शायद इसे इस सूची में सबसे ऊपर आना चाहिए । जो लीडर अपने सहयोगियों तथा उनके विश्वास के प्रति निष्ठावान नहीं होते लंबे समय तक अपने नेतृत्व कायम नहीं रख सकते । विश्वासघात इंसान को धूल से भी नीचे ले आता है । और इससे इंसान को जाया तिरस्कार मिलता है । निष्ठा हीनता जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का एक मुख्य कारण है ।
  5. नेतृत्व की सत्ता पर जोर :- कार्य कुशल लीडर अपने अनुयायियों के दिल में डर भरकर नेतृत्व नहीं करते । इसके बजाए वे प्रोत्साहन करके नेतृत्व करते हैं । जो लीडर अपनी सत्ता के अनुयायियों पर दबदबा बनाने की कोशिश करते हैं वे शक्ति के जरिए नेतृत्व किस श्रेणी में आते हैं । सच्चे लीडरों को इस तथ्य के विज्ञापन की कोई जरूरत नहीं होती । वे अपने व्यवहार, सहानुभूति, समाझ, निष्पक्षता और काम के ज्ञान के प्रदर्शन से ऐसा कर देते हैं।
  6. पदनाम पर जोर :- अपने अनुयायियों का सम्मान हासिल करने के लिए सक्षम लीडरों को किसी पदनाम की जरूरत नहीं होती । जो लीडर पद नाम पर बहुत जोर देते हैं उसके पास जोर देने के लिए दूसरी चीजें बहुत कम होती है । सच्चे लीडर के ऑफिस के दरवाजे उन सभी के लिए खुले होते हैं जो दाखिल होना चाहते हैं । उनके कामकाज की जगह औपचारिकता या भडकीलेले प्रदर्शन से मुक्त होती है।

 

यह नेतृत्व में असफलता (Failure in good Leadership, How to be a good leader) के सबसे आम कारण है । इनमें से एक गलती भी असफलता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है ।अगर आपने नेतत्व तक पहुंचना चाहते हैं तो इस सूची का सावधानी से अध्ययन करें और खुद को विन दोषों से मुक्त कर ले । 

 

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