आत्मविश्वास सफलता की सीढ़ी है स्वट मार्टिन के प्रभावशाली विचार || Self Confidence is the Key of Success

आत्मविश्वास सफलता की सीढ़ी है स्वट मार्टिन के प्रभावशाली विचार ||  Self Confidence is the Key of Success 

आत्मविश्वास सफलता की सीढ़ी है स्वट मार्टिन के प्रभावशाली विचार || Self Confidence is the Key of Success
आत्मविश्वास सफलता की सीढ़ी है स्वट मार्टिन के प्रभावशाली विचार || Self Confidence is the Key of Success
 

किसी भी कार्य में सफलता पाने या एक सफल व्यक्ति बनने के लिए प्रसंता से सराबोर और गतिशील करें । अपने मन को शक्ति साहस और खुशी के विचारों से भर दे । इन विचारों से व्यक्तित्व में नया आकर्षण आता है और हमारी रचनात्मक शक्तियों का विकास होता है निराशा और असफलता के विचार हमारे व्यक्तित्व की शक्ति को नष्ट कर देते हैं ।

आत्मविश्वास का जीवन में क्या महत्व है 

आत्मविश्वास का जीवन में बहुत महत्व है जिस आदमी मे विश्वास नहीं होता वह जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता । आत्मविश्वास के बल पर मनुष्य असंभव काम को भी संभव कर दिखाता है । समाचार पत्रों में अक्सर ऐसे समाचार प्रकाशित होते रहते हैं जो आप में अविश्वसनीय लगते हैं । किंतु वे सच होते सकते हैं ।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में ऐसे हैरतअंगेज कारनामे भरे पड़े हैं, जो कि अविश्वसनीय लगते हैं । यहां पर सोचने वाली बात यह है कि इन हैरतअंगेज कारनामों को अंजाम देने वाले कौन लोग हैं । वह कोई दूसरी दुनिया से आए हुए लोग नहीं है । वह लोग भी आप और हम जैसे ही हैं । उन्होने जो कारनामे कर दिखाये वह किसी जादू की छड़ी के बल पर नहीं बल्कि जो कुछ भी किया आत्मविश्वास के बल पर किया ।

अगर कोई आदमी अपंग है और उसमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा हुआ है । तो वह हिमालय की चोटी पर भी विजय पताका फहरा सकत्ता है । आज विश्वास के बल पर ही वैज्ञानिकों ने वह मुकाम हासिल कर लिया है कि अब धरती पर बैठकर चांद पर पांव पसार रहे हैं ।

किसी भी देश की मुट्ठी भर सेना दूसरे देश के विशाल सेना को आत्मविश्वास के बल पर भी धूल चटा सकती है । सिकंदर ने विश्व विजेता का सपना देखा और किसी हद तक सफलता भी हंसिल की । यह सब उसके आत्मविश्वास का ही कमाल था । अपनी सेना में भी उसने अपने जैसा ही आत्मबल पैदा कर दिया था ।

आत्मविश्वास कैसे पैदा करें

अनेक व्यक्ति जो यह सोचा करते हैं कि अधिकतर मनुष्य निर्धन रहते हैं और धन तो थोड़े से मनुष्य के भाग में ही है । वो धनवान कैसे हो सकते हैं, वह विद्वान कैसे हो सकते हैं, जो हमेशा यही सोचता रहता है कि मैं चाहता हूं कि पढ़ो लिखो लेकिन मेरे पास साधन नहीं है, ना मेरे पास पैसा है और ना मेरा कोई सहायक है । वह व्यक्ति किसी ऊंचे पद पर कैसे पहुंचेगा जो सदा यह सोचता है कि मैं उस पद के योग्य ही नहीं हूं ।




बहुत से नौजवान ऐसे हैं जो वकील डॉक्टर अथवा व्यापारी बनना चाहते हैं । परंतु उनमें आदमी विश्वास नहीं होता और थोड़ी सी भी कठिनाई आने पर घबरा जाते हैं । कमजोर विचारों के कारण उन्हें वह कार्य छोड़ देना पड़ता है । अनेक बार मनुष्य की जीवन दिशा बदलने में एक छोटी सी बात भी अद्भुत प्रभाव डालती है ।

दृढ़ विश्वास का प्रभाव

 

ऐसे भी अनेक व्यक्ति है जो अपने कार्य को निश्चित करने के बाद उन्हें पूरी शक्ति और उत्साह से लग जाते हैं । अनेक विघ्न बाधाएं भी उन्हें अपने उद्देश्य से हटा नहीं पाती हूं । ऐसा इसलिए होता है कि वह अपने उद्देश्य को अपने से अलग नहीं मानते । वह उनके शरीर का ही एक महत्वपूर्ण अंग बन जाता है इसलिए वह एकाग्र चित्त होकर उस में जुडट जाते हैं और सफल होते हैं ।

इस प्रकार के दृढ़ विश्वास का प्रभाव उन लोगों पर भी पड़ता है जो सफल व्यक्ति के पास बैठते और उसे संबंध रखते हैं । जब किसी व्यक्ति को यह अनुभव होने लगता है, कि वह उन्नति कर रहा है ऊंचा उठ रहा है तब उसमें स्वत: आत्मविश्वास पूर्ण बातें करने की शक्ति आ जाती है । उसे शंका पर विजय प्राप्त हो जाती है ।

 

जिस व्यक्ति के मुख्य मंडल पर विजय का प्रकाश जगमगा रहा हो । सारा संसार उसका आदर करता है और उसकी विजय विश्वास को परिणित हो जाती है । आपने अनेक बार यह अनुभव किया होगा जो व्यक्ति आप पर अपनी शक्ति का प्रभाव डालते हैं आप उनका विश्वास करने लगते हैं ।

इस सब का कारण उनका आत्मविश्वास ही है जिस कारण से आत्मविश्वास होता है वह खुद भी दिखाई देने लगते हैं । जिसके कारण हम उनकी ओर खींचे जाते हैं । और उनके शक्ति पर विश्वास करने लगते हैं उनके लिए ऐसा तभी संभव हो सकता है । जब आदमी विश्वास का अद्भुत पर उनकी शक्तियों में उत्तेजित कर देता है।

आत्मविश्वास के लोग कैसे होते हैं 




आपने ऐसे अनेक विद्यार्थी भी देखे होंगे जो शिक्षा और योग्यता के असाधारण ना होते हुए भी तरक्की करते हैं । अपने उद्देश्य की ओर बढ़ते चलते हैं । जबकि उनके साथी यही सोचते रह जाते हैं कि उनको कोई मार्गदर्शन मिले । आपको यह पता होना चाहिए कि किसी को अपनी योग्यता और बुद्धिमता देखने की फुर्सत नहीं है । 

अब लोग तो यह देखते हैं कि आप अपने उद्देश्य की ओर कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं । आप जितना अपनी योग्यता पर भरोसा रखेंगे शंका को दूर कर देंगे । सफलता के करीब आती जाएगी ।

आत्मविश्वास की कमी

 

क्या आपने कभी सोचा है कि आप दूसरों के विश्वासपात्र क्यों नहीं बन पाते । इसका कारण है आत्मविश्वास की कमी । आप की असफलताओं का कारण भी यही है यदि आप अपने आप को दिन ही निकृष्ट और सामर्थ्य ही समझेंगे और ऐसा मानेंगे कि आप का कोई महत्व नहीं है । तो सचमुच संसार में आपकी आवाज की कोई कीमत नहीं आकी जाएगी ।

 

आज तक ऐसा कोई व्यक्ति देखने में नहीं आया जो अपने आप को बेकार समझे और महान बन जाए । आप अपने आप को जितना अधिक योग्य समझेंगे उतना ही अधिक महत्वपूर्ण कार्य कर पाएंगे । वैसे साधारण और मामूली व्यक्ति समझेंगे तो आपके कहने से पूर्व ही आपका चेहरा यह भाव स्पष्ट कर देगा ।

 

यह असंभव है कि आप अपने को तुच्छ और निर्धन ही समझे और आपके चेहरे पर निर्धनता की झलक दिखाई ना दे । जो विद्वान है आपके चेहरे पर उसकी झलक दिखाई देती है । इन दोनों का प्रभाव दूसरों पर बिना कहे पड़ जाता है । आज इन गुणों को प्राप्त करना चाहते हैं ।

 

उनको अपने मन में समझाइए और उन गुणों को तैयार करिए । आपका मुख मंडल उन गुणों के प्रकाश से जगमगाने लगेगा । यदि आप अपने चेहरे आचरण और व्यवहार में लाना चाहते हैं । तो आपको सबसे पहले अपने विचारों में उचिता लानी होगी तभी आपको सफलता प्राप्त होगी अन्यथा नहीं ।

आत्मविश्वास के नियम 

 

आप प्रत्येक कार्य कर सकते हैं । और आपको यह बात सदा याद रखनी चाहिए कि जो व्यक्ति पूर्ण विश्वास से ओतप्रोत होते हैं।  उसे अपने भविष्य के प्रति किसी प्रकार की चिंता नहीं रहती । कोई उसे चिंता नहीं सताते । दूसरे व्यक्ति जिन संदेह और सब कामों में दबी रहते हैं । उन में सदैव मुक्त रहता है । आत्मविश्वास के कारण ही विचारों की स्वतंत्रता प्राप्त होती है  ।




अगर आप कोई महान काम करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने मन के स्वाधीनता से विचार करिए । जिस मनुष्य का मन संदेह से भरा हो वह महान कार्य तो क्या कोई सामान्य कार्य भी आसानी से नहीं कर पाएगा । संदेह आपके मन को कभी भी एकाग्र नहीं होने देगी । मन की एकाग्रता कार्य को करने के लिए बहुत जरूरी है ।

विश्वास

 

एक आवश्यक शर्त है एक शक्तिशाली व्यक्ति के मन में जब आदमी विश्वास उठ जाता है । तो उसके पैर डगमगाने लगते हैं । मनुष्य का महान और असाधारण होना उसका आत्मविश्वास पर निर्भर करता है  । विश्वास के कारण ही आत्मा और परमात्मा में एकता स्थापित होती है । ईश्वर पर विश्वास करने से आपके मन में छिपी हुई उन्नत शक्तियों और ज्ञान का विकास होता है । बहुत से व्यक्तियों को इस बात का ज्ञान ही नहीं होता कि उन्हें सफलता आत्मविश्वास के कारण ही प्राप्त हो सकेगी ।

अगर आप आत्मविश्वास को शक्तिशाली बनाए रखेंगे और यह मानते रहेंगे कि आप में भी योग्यता और शक्तियां विद्वान है ।  तो आपकी मानसिक शक्तियों पर अच्छा प्रभाव होगा । बहुत से लोग और अन्य शक्तियां तो होती है परंतु आत्मविश्वास के अभाव में भी कुछ नहीं कर पाते । ज्यादातर कामों में असफल हो जाते हैं । अगर आप महान पुरुषों के जीवन चरित्र को पढे तो आपको पता चलेगा कि संसार में सभ्यता को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन महानुभावों ने जब कार्य आरंभ किया था ।

मानसिक शक्तियों पर आत्मविश्वास का बहुत गहरा प्रभाव




तब वह अत्यंत गरीब थे । इनके साथ ही आपको यह भी पता चलेगा कि इन लोगों ने ऐसी कठिनाइयो का सामना किया कि दूर-दूर तक केवल असफलता ही दिखाई पड़ती थी । तब भी उन्होंने विश्वास नहीं छोड़ा और इस भरोसे परिश्रम करते रहे कि कभी ना कभी सफलता प्राप्त होगी ही । और अंत में उन्हें सफलता मिली ।

मानसिक शक्तियों पर आत्मविश्वास का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है । संसार में कोई भी ऐसी वस्तु नहीं है जो मनुष्य को ऊंचा उठा सके । केवल आत्मविश्वास ही उसमें समर्थ हो सकता है । यदि आप अपने मन में शंका और संदेशों को स्थान दिए रहेंगे तो कार्य करने की आपकी क्षमता शुरू हो जाएगी ।
यदि आप किसी भी कार्य को प्रारंभ करते हैं तो उसकी सफलता में आपको पूर्ण विश्वास होना चाहिए । यदि उसके संबंध में आपके मन में तनिक भी संदेह है तो सफलता प्राप्त करना कठिन है । आपको यह स्वभाव बना लेना चाहिए कि आप सदैव अपने आप को भाग्यशाली समझे । फिर देखिए कि कितने अद्भुत परिणाम निकलते हैं । आपको चाहिए कि आप लोगों पर भी इस बात की धाक जमा दे कि आप बड़े ही सौभाग्यशाली है । और आपको हर एक काम में सफलता प्राप्त होती है ।

इससे आपको जो ख्याति प्राप्त होगी उस ख्याति से आपको बड़ा लाभ होगा ।

 

अमेरिका के राष्ट्रपति रूजवेल्ट के प्रति लोगों की ऐसी धारणा बन चुकी थी कि हो जिस काम में हाथ डालते हैं उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं । उनके लिए यह कहावत संजीवनी के समान सिद्ध हुई । वह जिस मार्ग पर चलते किसी भी कार्य का बीड़ा उठाते लोगों का विश्वास उन्हे प्राप्त होता । इसे उनकी इच्छा शक्ति को और बल मिलता था । वो समझा करते थे कि प्रभु ने केवल उन्हीं को उस महान कार्य के लिए इस संसार में भेजा है । और उन्हें ही यह काम संपन्न करना है ।




यही कारण है कि आज भी सारे संसार में उनका नाम फैला हुआ है ।  विश्वास को जगा लेंगे और बढ़ा लेंगे तो आप जो चाहेंगे वही कर सकेंगे । इससे आपको कार्य संपदा की अपूर्व क्षमता भी प्राप्त होगी । विश्वास पूर्वक ऊंचा उठने का प्रयत्न कीजिए आप अवश्य ही उचित सकेंगे । आपकी उन्नति की ओर लक्ष्य तक पहुंचने के इरादों में किसी प्रकार की रुकावट ना आप आएगी । इसे केवल आपका ही नहीं है बल्कि आपके परिवार आस-पड़ोस और देश का भी हित इसी में छुपा है ।

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