Benefits of Tamarind | इमली के 8 फायदे आप हैरान रह जायेंगे

इमली के फायदे – Benefits of Tamarind

 

बहुत से लोग इमली को मसालों में भी गिनते हैं। क्योंकि  प्रतिदिन रसोई की खाने पीने की चीजों में इस्तेमाल होती है। परंतु यह वास्तव में फल है। इसलिए इसे फल में गिनना उचित है। इसे किसी भी रूप में लिया जाए। बच्चे, बूढ़े, स्त्रियां और नौजवान सभी पसंद करते हैं। कोई इसे चटनी के रूप में तो कोई चाट अथवा किसी ना किसी शरबत के रूप में लेना पसंद करता है।

 

इमली (Tamarind) का पेड़ काफी बड़ा और छोटे छोटे पत्तों वाला परंतु काफी घना होता है। इमली का स्वरूप एक फली के रूप में होता है। फली झिल्लीनुमा गूदे से लिपटी हुई होती है। इसके बीच में गहरे भूरे रंग के कठोर बीज होते हैं।




इमली का गूदा एक विशेष प्रकार की खटास लिए हुए परन्तु स्वादिष्ट और मीठा होता है। इसके गूदे में नमी, प्रोटीन, खनिज, रेशा और कार्बोहाइड्रेट्स की काफी मात्रा होती है। इसमें खनिज लवण और कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, नियासिन और विटामिन सी, भी उचित मात्रा में रहते हैं।

 

 इमली की विशेषता – Tamarind Specialty

 

इमली की विशेषता यह है, कि इमली का पूरा पेड़ पत्ते फल आदि सभी औषधीय गुणों से युक्त होते हैं। इसकी छाल में त्वचा के संकुचन के साथ साथ ज्वर कोकम करने की शक्ति होती है इमली पाचक  18 को दूर करने वाली मल शोधक शीतल और विश्व को नष्ट करने वाली होती है (source)




इमली के उपयोग– Uses of Tamarind

 

इमली के उपयोग का सबसे अच्छा तरीका यह है, कि उसे खाने से पूर्व पानी में भिगो दिया जाए। अच्छी तरह भीग जाने पर उसे मसलकर या छानकर उसका पानी प्रयोग कर लेना चाहिए। इमली के साथ गुड़ का प्रयोग किया जाए तो इमली से होने वाले विकार नष्ट हो जाते हैं।

 

 अपच आदि रोगों में इमली के फायदे

 

पकी हुई इमली का गूदा पित्त की अधिकता के कारण आने वाली उल्टी यों में सहायक सिद्ध होता है। इससे पेट का अफारा और बदहजमी दूर होती है। पेट के रोगों में लाभदायक होने के कारण इसके उपयोग से कब्ज स्वयं दूर हो जाती है।




भूख की कमी – Loss of Appetite

 

भूख की कमी में इमली को उबाल और छानकर ठंडा करके पानी लाभदायक होता है। काढ़े में  कि यदि काली मिर्च एक लॉन्ग इलाइची मिला दी जाए तो इसके गुणों में वृद्धि होती है।

उल्टियां आने की स्थिति में इमली को पानी में भिगो कर उसका रस छानकर पीने से लाभ होता है। इसका स्वाद बढ़ाने के लिए काला नमक मिलाया जा सकता है।

 

 लू लगना में इमली के फायदे–  Benefits of Tamarind in Sunstroke

 

गर्मियों के दिनों में धूप के प्रकोप के कारण जब हाथ और पैरों में जलन महसूस होती है। तो इमली का गूदा मलने से गर्मी में से पैदा हुई जलन समाप्त हो जाती है। गर्मियों में अधिक प्यास लगने से मनुष्य जब बेचैनी अनुभव करता है, तो उस समय इमली का पतला शरबत बनाकर पीने से लाभ होता है। गले के नीचे और हृदय में जब जलन महसूस हो तो इमली के शरबत में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है।




 फोड़ेफुंसी ठीक करने में इमली के फायदे– Benefits of Tamarind in pimples

 

फोड़े फुंसियों में इमली का शरबत कुछ दिन लगातार पीने से आराम मिलता है। आंखों की पलकों में छोटी फुंसी हो जाने पर इमली के बीज की गिरी को चंदन की तरह घिसकर लगाने से गुहेरी शांत हो जाती है।

 

 जुकाम ठीक करने में इमली के फायदे– Benefits of  Tamarind in Curing cold

 

भारत के अनेक स्थानों पर ग्रामीण महिलाएं सामान्य जुकाम हो जाने पर इमली में काली मिर्च डालकर पकाकर रोगी को पिलाती है। इसे बनाने का एक ढंग यह भी है, कि इमली में पानी डालकर उबाल कर छान लिया जाए, इसमें थोड़ी सी काली मिर्च का चूर्ण और गर्म घी मिलाकर पीने से जुकाम में बहुत आराम मिलता है।




 पेचिश में इमली के फायदे – Benefits of Tamarind in Dysentery

 

पकी हुई इमली को दूध में काढ़ा बनाकर दिन में दो-तीन बार चीनी मिलाकर पीने से पेचिस में लाभ होता है। पेचिश की बीमारी को दूर करने के लिए इमली फायदेमंद होता है। आप इमली का पाउडर 6.25 ग्राम बराबर मात्रा में जीरा और चीनी के साथ दिन में दो या तीन बार लेना लें। इमली के पत्तों के रस में चीनी मिलाकर देने से भी पेचिश और खूनी बवासीर दूर हो जाती है।

 

 जलने और सूजन में इमली के फायदे– Benefits of Tamarind in burning and swelling

 

शरीर के किसी स्थान के जलने अथवा सूजन हो जाने पर इमली के कोमल पत्तों का उपयोग में लाया जा सकता है। इमली के पत्तों को जलाकर उनका चूर्ण बनाकर जले हुए स्थान पर छिड़कने से लाभ होता है। पत्तों को कूट पीस कर उन्हें गर्म करके पुल्टिस के रूप में शरीर के सूजे हुए जोड़ों पर लगाने से सूजन तथा दर्द समाप्त हो जाता है।




 मर्दाना कमजोरी में इमली के फायदे

 

शीघ्रपतन से पीड़ित पुरुषों के लिए इमली के बीज बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इमली के बीजों को चार-पांच दिन पानी में भिगोकर उसके बीज की गिरी निकाल कर उन का चूर्ण बना लें समान मात्रा में मिश्री मिलाकर दूध के साथ लेने से मनुष्य की संभोग शक्ति बढ़ती है। महीने डेढ़ महीने लगातार इस तरह के सेवन से शरीर में एक विशेष प्रकार की शक्ति पैदा होती है।

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जैसा कि ऊपर बताया गया है कि इमली का प्रयोग औषधि के अलावा अन्य अनेक रूपों में भी किया जाता है। दक्षिण भारत के संभाग और चटनी आदमी इमली का प्रयोग अधिक होता है। चाट खाने वालों के लिए विशेषकर महिलाओं के लिए इमली के पानी के चटखारे की बात ही अलग है।

 

ब्लड प्रेशर भी करती है कंट्रोल:

 

इमली में आयरन और पोटेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और रेड ब्लड सेल को बनाने में मदद करती है.




इम्यून सिस्टम ठीक करने के लिए

 

अगर आपकी इम्यूनिटी बहुत कमजोर है और आप कुछ भी काम करने में जल्दी थक जाते हैं या जल्दी बीमार होते हैं तो आपको इमली जरूर खानी चाहिए. इमली में विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इम्यून सिस्टम को बेहतर करते हैं.

 

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